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सहारनपुर: उद्यान विभाग में भ्रष्टाचार और अनैतिक गतिविधियों के मामले ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उद्यान विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला, अनैतिक गतिविधियों पर अधिकारी खामोश

उद्यान विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला, अनैतिक गतिविधियों पर अधिकारी खामोश

सहारनपुर:

उद्यान विभाग में भ्रष्टाचार और अनैतिक गतिविधियों के मामले ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उद्यान प्रभारी शिवराज सिंह पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए यह कहा जा रहा है कि विभाग के अंतर्गत एक अनैतिक अड्डा खुलेआम संचालित हो रहा है।

ब्लैकलिस्ट ठेकेदार की भूमिका:

सूत्रों के अनुसार, विभाग में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदार की सहमति से ही अधिकांश कार्य किए जा रहे हैं। पहले के महापौर ने इस अनैतिक गतिविधि को खुद पकड़ा था और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया था। लेकिन चतुराई से केवल फर्म को ब्लैकलिस्ट किया गया, जबकि प्रॉपराइटर को कार्रवाई से बचा लिया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि ठेकेदार अब भी सक्रिय है और अनैतिक गतिविधियां बदस्तूर जारी हैं।

500 रुपये में सुरक्षित पंपिंग की सुविधा:

सूत्रों की मानें तो ठेकेदार खुलेआम 500 रुपये लेकर अवैध रूप से सुरक्षित पंपिंग की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। इसके बावजूद, उद्यान प्रभारी इस पर कार्रवाई करने से कतराते नजर आ रहे हैं।

दोहरी वेतन नीति का खेल:

सीएलसी के अनुबंधित कर्मचारी और चौकीदार नियमों के विपरीत एक ही पद पर तैनात हैं, और दोनों का वेतन लिया जा रहा है। खबरें प्रकाशित होने के बावजूद निगम प्रमुख और अधिकारी इस मामले में निष्क्रिय बने हुए हैं।

भाजपा नेताओं का संरक्षण:

सूत्रों का दावा है कि ठेकेदार के कॉल डिटेल्स से यह साबित होता है कि उसे भाजपा नेताओं का समर्थन प्राप्त है। वह खुद को पार्टी का कार्यकर्ता बताता है, जिससे अधिकारियों और नेताओं के बीच साठगांठ का संकेत मिलता है।

गमलों और पौधों की खरीद में भ्रष्टाचार:

उद्यान विभाग में गमलों और पौधों की खरीदारी में बड़े घोटाले उजागर हुए हैं। 10 रुपये के पौधों को 100 रुपये में खरीदा गया और इसी तरह गमलों की कीमतों में भी भारी गड़बड़ी की गई। यह भ्रष्टाचार विभाग की साख पर गंभीर चोट पहुंचा रहा है।

सूत्रों की चिंताएं:

  • विभाग में लेनदेन का खेल बदस्तूर जारी है।
  • भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकारों को दबाने का प्रयास होता है।
  • अधिकारी और नेता, दोनों ही स्थिति को नजरअंदाज कर रहे हैं।

क्या कार्रवाई होगी?
अब देखना यह होगा कि इन आरोपों के बाद उद्यान विभाग और नगर निगम में कब और कैसी कार्रवाई होती है। फिलहाल, जनता और ईमानदार अधिकारियों की नजरें इस मामले पर टिकी हुई हैं।

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ के लिए विशेष रिपोर्ट
एलिक सिंह, संपादक
(संपर्क: 8217554083)

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